कर्म प्रधान विश्व : रामायण की ये चमत्कारी चौपाईयां
Nectar of wisdom ! कर्म प्रधान विश्व रचि राखा ,जो जस करहि सो तस फल चाखा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित इस चौपाई का भावार्थ है कि यह विश्व या जगत कर्म प्रधान है. इसका मतलब है कि हर व्यक्ति को अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल मिलता है. कर्म प्रधान विश्व रचि राखा इस पंक्ति का अर्थ है…

अमित एक अनुभवी आईटी अन्वेषक और सत्य के खोजी हैं। उन्होंने लिखने का माध्यम इसलिए चुना है ताकि आम लोगों तक अपने अनुभव साझा कर सकें।





